NEW DELHI NEWS. आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा राजनीतिक झटका देते हुए राज्यसभा सचिवालय ने राघव चड्ढा समेत पार्टी छोड़ने वाले सातों सांसदों को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का सदस्य मान्यता दे दी है। इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है, जिसके बाद उच्च सदन में भाजपा की संख्या बढ़कर 113 हो गई है। इससे पहले आम आदमी पार्टी की ओर से सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर सातों सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की थी।

पत्र में कहा गया था कि ये सांसद पार्टी के टिकट पर चुने गए थे और बाद में भाजपा में शामिल होना दल-बदल की श्रेणी में आता है। हालांकि, राज्यसभा सचिवालय के ताजा फैसले से स्पष्ट हो गया है कि आप की इस मांग को स्वीकार नहीं किया गया। पार्टी छोड़ने वालों में प्रमुख नाम राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल शामिल हैं। इन नेताओं ने 24 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर AAP से अलग होने का ऐलान किया था।

इन नेताओं का दावा था कि हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रम साहनी, राजिंदर गुप्ता भी उनके साथ हैं। इनमें से अधिकांश सांसद पंजाब से राज्यसभा सदस्य हैं। पार्टी छोड़ने वाले नेताओं ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि AAP अपने मूल सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों से भटक गई है।

राघव चड्ढा ने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि यदि किसी दल के दो-तिहाई सांसद चाहें, तो वे दूसरी पार्टी में विलय कर सकते हैं। संजय सिंह ने इस घटनाक्रम को पंजाब की जनता और संविधान के साथ विश्वासघात बताया था। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि पार्टी इस मामले में कानूनी विकल्प तलाश सकती है।

इस फैसले के बाद राज्यसभा में BJP की ताकत बढ़कर 113 हो गई। आम आदमी पार्टी के पास अब केवल 3 सांसद बचे हैं। राज्यसभा सचिवालय के फैसले ने आप के लिए बड़ा झटका और भाजपा के लिए रणनीतिक बढ़त साबित की है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कानूनी और राजनीतिक लड़ाई और तेज होने की संभावना है।






































