RAIPUR NEWS. बालोद जिले में 9 से 13 जनवरी तक प्रस्तावित राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी अब आयोजन से पहले ही सियासी विवादों में घिर गई है। जंबूरी के लिए किए जा रहे कार्यों और टेंडर प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं, वहीं राज्य सरकार और शिक्षा विभाग इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए आयोजन तय कार्यक्रम के अनुसार कराने पर अड़ा हुआ है। इस पूरे मामले ने अब प्रशासनिक, राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर टकराव की स्थिति बना दी है। विवाद की शुरुआत कांग्रेस के आरोपों से हुई। कांग्रेस का कहना है कि जंबूरी से जुड़े करीब 5 करोड़ रुपए के काम बिना टेंडर कराए गए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 5 जनवरी को बयान देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर का यह आयोजन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। और सरकार ने नियमों को दरकिनार कर काम कराया है। इसके बाद कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने ईओडब्ल्यू कार्यालय पहुंचकर स्कूल शिक्षा विभाग के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। कांग्रेस महामंत्री सुबोध हरितवाल ने आरोप लगाया कि पहले 20 दिसंबर को टेंडर खुलना था, उसे रद्द कर नया टेंडर निकाला गया, जो 3 जनवरी को खुलना था, लेकिन अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, जबकि करोड़ों के काम पहले ही करा लिए गए।

इन आरोपों पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जंबूरी से जुड़ा पूरा काम जेम (GeM) पोर्टल के जरिए किया जा रहा है, जो पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया है। मंत्री के मुताबिक, कलेक्टर की अध्यक्षता में सभी टेंडर जेम पोर्टल पर अपलोड किए गए हैं और नियमों के तहत ही काम हुआ है। उन्होंने कांग्रेस पर सरकार को बदनाम करने और राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की छवि खराब करने का आरोप लगाया। गजेंद्र यादव ने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार तब होता, जब बिना टेंडर भुगतान होता, जबकि यहां हर कदम नियमों के अनुसार है।

इसी बीच स्काउट्स एंड गाइड्स, छत्तीसगढ़ राज्य परिषद की बैठक ने विवाद को और गहरा कर दिया। सांसद और परिषद के वैधानिक अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में 5 जनवरी को हुई बैठक में जंबूरी को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का निर्णय लेने का दावा किया गया। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि लगातार सामने आ रहे प्रशासनिक विवाद और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, और यदि आयोजन होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग की होगी।
हालांकि शिक्षा विभाग ने इस दावे को भ्रामक करार दिया। विभाग का कहना है कि जंबूरी तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित होगी और 8 जनवरी को आयोजन स्थल पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी जानकारी दी जाएगी। भारत स्काउट एवं गाइड, छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने भी स्पष्ट किया है कि यह देश का पहला राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी है, जिसमें देश-विदेश से करीब 14 हजार प्रतिभागी शामिल होंगे।
जानिए पूरा मामला
बालोद जिले में 9 से 13 जनवरी तक प्रस्तावित राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने आयोजन से जुड़े करीब 5 करोड़ रुपए के कार्यों में भ्रष्टाचार और बिना टेंडर काम कराने के आरोप लगाए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा आयोजन बताया। वहीं शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि सभी काम जेम पोर्टल के जरिए पारदर्शी तरीके से हो रहे हैं। इसी बीच सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विवादों और वित्तीय आरोपों के चलते जंबूरी स्थगित करने की बात कही, जबकि शिक्षा विभाग ने आयोजन तय कार्यक्रम के अनुसार होने का दावा किया है। इस तरह, एक ओर सरकार आयोजन को ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण बता रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस इसे भ्रष्टाचार से जोड़कर घेरने में जुटी है। जंबूरी से पहले छत्तीसगढ़ की राजनीति में यह मुद्दा फिलहाल सबसे गर्म बना हुआ है।




































