KAWARDHA. राजनांदगांव से भाजपा के सांसद संतोष पांडेय के भाई विजय पांडेय ने आज भाजपा से नाता तोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ले ली। 28 साल से भाजपा से जुड़े रहे और भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विजय ने आखिर भाजपा छोड़ने का फैसला क्यों लिया, यह सभी जानना चाहते हैं। इसके पीछे वजह है एक नोटिस, जो भाजपा जिलाध्यक्ष और महामंत्री द्वारा उन्हें दिया गया था।

भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ अध्यक्ष विजय पांडेय ने आज प्रदेश सरकार में वन मंत्री मोहम्मद अकबर की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। खुद मंत्री ने उन्हें कांग्रेस में प्रवेश कराया। विजय पांडेय आखिर कांग्रेस में क्यों गए, यह बड़ा सवाल है। क्योंकि विजय पुराने भाजपाई हैं और 28 साल से भाजपा से जुड़े थे। इस बारे में बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पूर्व वन मंत्री जो क्षेत्रीय विधायक भी हैं अपने क्षेत्र में आए थे। इस पर विजय पांडेय ने उनका स्वागत कर दिया। बस फिर गया था भाजपा पदाधिकारियों को यह बात चुभ गई। उन्होंने विजय पांडेय को कारण बताओ नोटिस थमा दिया। नोटिस मिलने के बाद ही विजय ने भाजपा छोड़ने का फैसला कर लिया।

विजय हिंदुस्तान पेट्रोलियम एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। विजय का कहना है कि नोटिस उनके अपमान से कम नहीं है। उन्हें नोटिस देने का अधिकार जिला स्तर के पदाधिकारियों को नहीं है। कोई जिलाध्यक्ष या महामंत्री उन्हें नोटिस नहीं दे सकता। इसके लिए प्रदेश स्तर के पदाधिकारी ही अधिकृत हो सकते हैं। जिला स्तर के पदाधिकारियों द्वारा थमाए गए नोटिस से खिन्न होकर ही उन्होंने भाजपा छोड़ दी। दूसरी ओर सांसद संतोष पांडेय ने विजय से कन्नी काट ली। उन्होंने कहा कि विजय चचेरे भाई हैं और उनका पचास साल से उनसे कोई संबंध नहीं है।






































