नई दिल्ली। भारत ने शनिवार को पोखरण रेंज में भगवान शिव के धनुष ‘पिनाक’ के नाम पर रखे गए पिनाका एमके-आई इनहेंस्ड रॉकेट सिस्टम (ईपीआरएस) और पिनाका एरिया डेनियल मुनिशन एडीएम रॉकेट सिस्टम का सफल परीक्षण किया। देश के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने कहा कि पिछले एक पखवाड़े के दौरान विभिन्न रेंज और लड़ाकू क्षमताओं वाले कुल 24 ईपीआरएस रॉकेटों का परीक्षण किया गया है।

45 से 60 किमी मारक क्षमता
पिनाका एमके-I एक उन्नत रॉकेट प्रणाली है, जिसका कई बार किया गया परीक्षण सफल रहा है। इन रॉकेट प्रणालियों को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की तकनीक पर विकसित किया गया है। पिनाका एमके-1 रॉकेट सिस्टम की मारक क्षमता 45 किलोमीटर, वहीं पिनाका-द्वितीय रॉकेट प्रणाली की मारक क्षमता 60 किमी है।
चीन सीमा पर तैनात है यह रॉकेट
चीन के साथ बढ़ते तनाव के दौरान भारत ने पूर्वी लद्दाख और एलएसी पर इस सिस्टम को तैनात किया था, जो पूरी तरह से स्वदेशी और भरोसेमंद है। यह मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है, जिससे 44 सेकेंड में 72 रॉकेट दागे जा सकते हैं। पिनाका एमके-1 इन्हेंस्ड रॉकेट सिस्टम प्रारंभिक पिनाका का उन्नत संस्करण है। इस रॉकेट सिस्टम ने सेना को जमीनी हमले का घातक विकल्प दिया है।
पिनाका से दुश्मन के करीबी ठिकानों को नष्ट किया जा सकता है। यह छोटी दूरी की पैदल सेना, तोपखाने और हथियारबंद वाहनों को निशाना बनाता है। डीआरडीओ ने 1980 के दशक में पिनाका रॉकेट सिस्टम विकसित करना शुरू किया था। 1990 के दशक के अंत में पिनाका मार्क -1 के सफल परीक्षण ने भारतीय सेना की ताकत बहुत बढ़ा दी थी।



































