दायर याचिका में कहा है कि उसने वर्ष 2007-2008 में एमबीबीएस प्रथम वर्ष पाठ्यक्रम में छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस बिलासपुर में प्रवेश लिया था। पारिवारिक कारणों की वजह से वर्ष 2015 में हुई एमबीबीएस फाइनल पार्ट वन की परीक्षा में शामिल नहीं हो पाया। Read More
























































