रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक यह विमान केवल वीआईपी यात्रा के लिए नहीं, बल्कि युद्ध या राष्ट्रीय आपातकाल जैसी स्थिति में हवा में रहकर सैन्य और सरकारी संचालन करने के लिए तैयार किया गया है। ऐसे समय में इस विमान का तेहरान पहुंचना रूस और ईरान के बीच बढ़ते रणनीतिक समन्वय का संकेत माना जा रहा है। Read More






























