मीडिया में प्रकाशित खबरों का स्वतः संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने इसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि अस्पताल जैसी संवेदनशील संस्था में बुनियादी सुविधाओं का ठप होना और पर्याप्त चिकित्सकों का उपलब्ध नहीं होना संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत प्रदत्त जीवन के अधिकार का उल्लंघन है। Read More






























