अजय चंद्राकर ने कहा कि राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी छत्तीसगढ़ का ऐसा समग्र अभिलेखागार तैयार नहीं हो सका है, जहां प्रदेश के समृद्ध इतिहास, संस्कृति और पुरातात्विक धरोहरों का व्यवस्थित दस्तावेज उपलब्ध हो। उन्होंने आरोप लगाया कि सिरपुर, भोरमदेव, राजिम, बारसूर सहित अनेक ऐतिहासिक स्थलों से प्राप्त प्राचीन मूर्तियों और अवशेषों का समुचित रिकॉर्ड और संरक्षण नहीं हो पा रहा है। Read More






































