सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत ने कहा कि छात्रों का फैसला गलत हो या उन्हें किसी ने गलत सलाह दी हो, इसके बावजूद उन्हें अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि छात्र कानून के दायरे में रहकर अपनी आवाज उठा रहे हैं, तो उन्हें ऐसा करने की अनुमति होनी चाहिए। Read More



































