दिल्ली हाई कोर्ट ने घरेलू हिंसा के एक मामले में कहा कि सिर्फ इसलिए ससुर को आरोपी नहीं बनाया जा सकता क्योंकि उन्होंने अपने बालिग बेटे के वैवाहिक आचरण को नियंत्रित नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि घरेलू हिंसा का आरोप साबित करने के लिए संबंधित व्यक्ति के विशिष्ट कृत्य और उसके समर्थन में तथ्य जरूरी हैं। Read More































