अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी ने निवेशकों को कम समय में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर कंपनी में निवेश कराया, लेकिन परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद भी उनकी जमा राशि वापस नहीं की। न्यायालय ने इसे सुनियोजित आर्थिक अपराध मानते हुए कड़ी सजा सुनाई। Read More


































