मामले में निगम के पार्षद संदीप निरंकारी, आदित्य सिंह समेत 32 निर्वाचित पार्षदों ने याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि आयुक्त मेयर-इन-काउंसिल (एमआईसी) और सामान्य सभा की मंजूरी के बिना वित्तीय व प्रशासनिक निर्णय ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि 25 मार्च 2026 को विशेष बजट बैठक में तीन-चौथाई से अधिक बहुमत से आयुक्त को हटाने का प्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन राज्य सरकार ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। Read More



























































हाईकोर्ट की पेंडेंसी पर टिप्पणी, कहा अधिकारी बॉलीवुड स्टार नहीं जो रोज पेपर में फोटो छपती है जो काम है वो करें, जानें पूरा मामला