यह पूरा मामला जनवरी 2023 में शुरू हुआ था। तत्कालीन उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री ने निगम के 22 आश्रितों को चतुर्थ श्रेणी (भृत्य) पद पर अनुकंपा नियुक्ति पत्र सौंपे थे। नियुक्ति पाने वाले कर्मचारी पहले निगम में प्लेसमेंट पर कार्यरत थे। Read More






























