संवाद के दौरान लेखिका ने बाल साहित्य की वर्तमान स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज बाल साहित्य के लेखक और पाठक दोनों की संख्या में कमी आना चिंताजनक है। बाल साहित्य के व्यापक प्रचार-प्रसार और इसे बच्चों तक पहुंचाने के लिए नए प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। Read More






























