WASHINGTON NEWS. अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने संसद के दोनों सदनों हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया है। इस हार के बाद रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी असंतोष सामने आने लगा है। पार्टी के नेताओं ने ट्रम्प की ईरान नीति, टैरिफ और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रति उनके रुख को चुनाव में नुकसान की प्रमुख वजह बताया है। रॉयटर्स और अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के साथ लंबे समय से जारी युद्ध और उससे जुड़े आर्थिक दबाव ने ट्रम्प के पुराने समर्थकों को भी प्रभावित किया। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सार्वजनिक रूप से ईरान युद्ध को चुनावी हार की वजह बताया है।

वहीं ट्रम्प ने भी स्वीकार किया कि युद्ध के कारण रिपब्लिकन पार्टी को नुकसान हुआ, हालांकि उन्होंने अपने फैसले का बचाव किया। अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में कुल 435 सीटें हैं। बहुमत के लिए 218 सीटों की जरूरत होती है। इस बार सभी सीटों पर चुनाव हुए। चुनावी नतीजों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। शुरुआती नतीजों में पार्टी को 240 से अधिक सीटें मिलने का अनुमान सामने आया, जबकि रिपब्लिकन पार्टी बहुमत से काफी पीछे रह गई। सीनेट में कुल 100 सीटें हैं और बहुमत के लिए 51 सीटों की जरूरत होती है। इस बार 35 सीटों पर चुनाव हुए। अब तक 33 सीटों के नतीजे सामने आए हैं। इनमें डेमोक्रेट्स ने 20 और रिपब्लिकन ने 13 सीटें जीती हैं। दो सीटों पर नतीजे आना बाकी हैं। मौजूदा सीटों को मिलाकर डेमोक्रेटिक पार्टी और उसके साथ मतदान करने वाले निर्दलीय सदस्यों की संख्या 54 हो गई है, जबकि रिपब्लिकन के पास 44 सीटें हैं।

अमेरिका के 36 राज्यों में गवर्नर पद के लिए भी चुनाव हुए। अब तक 34 राज्यों के नतीजे सामने आए हैं। इनमें डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों ने 22 और रिपब्लिकन उम्मीदवारों ने 12 सीटों पर जीत दर्ज की है। दो राज्यों में मतगणना जारी है। इन नतीजों से स्पष्ट है कि ट्रम्प की पार्टी को केवल संसद में ही नहीं, बल्कि राज्यों के स्तर पर भी राजनीतिक चुनौती का सामना करना पड़ा है। चुनावी हार के बाद रिपब्लिकन पार्टी के भीतर ट्रम्प की विदेश नीति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। टेक्सास के रिपब्लिकन नेता चैड विलबैंक्स ने ईरान युद्ध, टैरिफ और रूस के राष्ट्रपति पुतिन के प्रति ट्रम्प के रुख को पार्टी के खराब प्रदर्शन की वजह बताया है।

अमीश शाह बने छठे भारतवंशी सांसद
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल के डॉक्टर अमीश शाह ने भी जीत दर्ज की है। उन्होंने एरिजोना के पहले कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से रिपब्लिकन उम्मीदवार और पूर्व एनएफएल खिलाड़ी जे फेली को हराया। अमीश शाह को 52.49 प्रतिशत वोट मिले, जबकि जे फेली को 45.45 प्रतिशत वोट हासिल हुए। इस जीत के साथ शाह एरिजोना से अमेरिकी संसद पहुंचने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी बन गए हैं। वह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में पहुंचने वाले छठे भारतवंशी भी हैं। शाह का जन्म शिकागो में हुआ था। उनके माता-पिता गुजरात से अमेरिका जाकर बसे थे। उनकी जीत को भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

ट्रम्प ने भी मानी ईरान युद्ध की भूमिका
चुनावी हार के बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने स्वीकार किया है कि ईरान के साथ युद्ध ने रिपब्लिकन पार्टी के प्रदर्शन को प्रभावित किया। हालांकि, उन्होंने सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए यह जरूरी था। डेमोक्रेट्स के दोनों सदनों में बहुमत हासिल करने के बाद ट्रम्प के लिए आने वाले समय में राजनीतिक और विधायी चुनौतियां बढ़ सकती हैं। नई संसद में डेमोक्रेट्स को प्रशासन की नीतियों की जांच करने, सरकारी नियुक्तियों और विधेयकों पर प्रभाव डालने का अवसर मिलेगा।






































