NEW DELHI/RAIPUR NEWS. बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान अर्नब आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद कमजोर पड़ने लगा है, लेकिन इसका असर देश के कई राज्यों में दिखाई दे रहा है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश, तेज हवाओं और जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ है। वहीं, छत्तीसगढ़ समेत मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी से बेहद भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर को छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। चक्रवात के तट से टकराने के दौरान आंध्र प्रदेश में 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान था।

भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हुआ, पेड़ और बिजली के खंभे गिरे तथा फसलों को नुकसान पहुंचा। राहत और बचाव के लिए आपदा प्रबंधन की टीमें तैनात की गईं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, शुरुआती रिपोर्टों में कम से कम तीन लोगों की मौत और बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आई। ओडिशा में भी भारी बारिश के कारण कई जिलों में सतर्कता बढ़ाई गई। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ राहत शिविरों की व्यवस्था की गई। समुद्र में ऊंची लहरों और तेज हवाओं के कारण तटीय इलाकों में विशेष सावधानी बरती गई।

चक्रवात के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में भी मौसम बदला हुआ है। रायपुर समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 29 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बेहद भारी बारिश हो सकती है। गरज-चमक और तेज हवाओं की भी आशंका है। प्रदेश में पहले से जारी मौसम संबंधी चेतावनियों के मद्देनजर बस्तर संभाग के जिलों पर विशेष नजर रखी जा रही है। लगातार बारिश से निचले इलाकों में पानी भरने और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। लोगों को मौसम विभाग के ताजा स्थानीय पूर्वानुमान और प्रशासन की सलाह पर ध्यान देने की जरूरत है।

मध्य प्रदेश, झारखंड और बिहार में भी बारिश की आशंका
चक्रवात का प्रभाव मध्य भारत और पूर्वी भारत के राज्यों तक पहुंच रहा है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बेहद भारी बारिश की संभावना है। झारखंड और बिहार में भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बिहार में 29 और 30 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश की आशंका है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 29 और 30 अक्टूबर को भारी से बेहद भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।

दिल्ली-एनसीआर में भी बदल सकता है मौसम
चक्रवात से जुड़ी नमी और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के मौसम में भी बदलाव की संभावना जताई गई है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। हालांकि, इन क्षेत्रों में मौसम का वास्तविक असर स्थानीय परिस्थितियों और मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर निर्भर करेगा।
कमजोर हुआ चक्रवात, फिर भी सतर्कता जरूरी
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, चक्रवात अर्नब तट से टकराने के बाद कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र में बदलने की प्रक्रिया में है। इसके बावजूद इससे जुड़ी नमी के कारण आंध्र प्रदेश, ओडिशा और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है। मौसम के इस बदलाव को देखते हुए लोगों को जलभराव वाले रास्तों से बचने, बिजली के खंभों और पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होने तथा आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदानों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।



































