DURG NEWS. नवरात्रि का पावन पर्व केवल आस्था और उपासना का ही नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक चेतना जगाने का भी अवसर बन गया है। इसी कड़ी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) दुर्ग ने एक अनूठी पहल करते हुए दुर्गा पूजा पंडालों में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया। इन शिविरों के माध्यम से पंडालों में दर्शन के लिए आ रहे श्रद्धालुओं को डिजिटल सुरक्षा (साइबर फ्रॉड) और बच्चों के शिक्षा के अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

यह विशेष जन-जागरूकता अभियान DLSA दुर्ग के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश श्री के. विनोद कुजूर के मार्गदर्शन और सचिव उमेश कुमार भागवतकर के निर्देशन में चलाया गया। इसका मुख्य उद्देश्य कानूनी साक्षरता को न्यायालय परिसर तक सीमित रखने के बजाय सीधे आम जनता के बीच पहुँचाना है।

साइबर ठगी से बचाव का दिया मंत्र
आज के डिजिटल युग में बढ़ती ऑनलाइन धोखाधड़ी को देखते हुए, शिविर में नागरिकों को साइबर फ्रॉड के नए तरीकों के प्रति सचेत किया गया। विशेषज्ञों ने लोगों को समझाया कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक डिटेल्स या OTP साझा न करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। ठगी का शिकार होने पर तुरंत संबंधित बैंक को सूचित करने और साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने की सलाह दी गई।

NALSA की नवीन शिक्षा योजना 2026 की दी जानकारी
जागरूकता शिविर में बच्चों के सुनहरे भविष्य पर भी जोर दिया गया। नागरिकों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की शिक्षा योजना, 2026 और शिक्षा के अधिकार (RTE) के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। यह संदेश दिया गया कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत विकास ही नहीं, बल्कि एक न्यायपूर्ण और सशक्त समाज की नींव है।
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धार्मिक आयोजनों को सामाजिक उत्तरदायित्व और विधिक जागरूकता से जोड़ने की DLSA दुर्ग की यह पहल जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है, जिससे आम लोग कानून को सरल और सुलभ तरीके से समझ पा रहे हैं।







































