JAGDALPUR NEWS. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की गुटबाजी और पिछले विधानसभा चुनाव में मिली हार को लेकर सियासत तेज हो गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने स्वीकार किया कि पार्टी के नेताओं के बीच एकजुटता की कमी हार की प्रमुख वजहों में से एक थी। उनके इस बयान पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी तंज कसते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है।
गुटबाजी के कारण हारी कांग्रेस: चरणदास महंत
मीडिया से बातचीत के दौरान चरणदास महंत ने कहा कि कांग्रेस के नेता अलग-अलग बंटे हुए थे, जिसका नुकसान पार्टी को चुनाव में उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब सभी नेताओं को एकजुट होकर काम करने की जरूरत है, ताकि आगामी चुनाव में पार्टी मजबूती से मैदान में उतर सके। महंत ने कहा कि कांग्रेस ने सभी वर्गों के लिए काम करने और आदिवासियों को उनका हक दिलाने की कोशिश की थी, लेकिन पार्टी के भीतर आपसी मतभेद और अलग-अलग गुटों के कारण एकजुटता नहीं बन पाई। उन्होंने यह भी कहा कि नेताओं के अलग-अलग सपने देखने और एक साथ नहीं चलने से संगठन कमजोर हुआ।
‘एकजुट होकर लड़ेंगे चुनाव और बनाएंगे सरकार’
चरणदास महंत ने पार्टी नेताओं से सतर्क रहने और आपसी मतभेद भुलाकर साथ काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दोबारा सत्ता में लाने के लिए सभी नेताओं का एकजुट होना जरूरी है। महंत के मुताबिक, पार्टी अब एक साथ मिलकर पूरी ताकत से चुनाव लड़ने और सरकार बनाने की दिशा में काम करना चाहती है।
CM विष्णुदेव साय का पलटवार
महंत के बयान पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता ख्याली पुलाव पकाते रहें, लेकिन देश की जनता उन्हें नकार चुकी है। सीएम साय ने आरोप लगाया कि कथनी और करनी में अंतर तथा लोगों को धोखा देने के कारण कांग्रेस लगातार सिमट रही है। उन्होंने यह भी कहा कि एक समय पूरे देश में कांग्रेस का व्यापक प्रभाव था, लेकिन अब पार्टी की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस को खोजने से भी नहीं मिलेगी।
2023 के विधानसभा चुनाव में BJP ने बनाई थी सरकार
छत्तीसगढ़ में 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बहुमत हासिल कर सरकार बनाई थी। चुनाव से पहले कांग्रेस की सत्ता में वापसी की उम्मीदें जताई जा रही थीं, लेकिन नतीजे भाजपा के पक्ष में रहे। अब चरणदास महंत के बयान और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रतिक्रिया के बाद राज्य में कांग्रेस की अंदरूनी एकजुटता और चुनावी हार को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।




































