JANJGIR CHAMPA NEWS. चांपा थाना क्षेत्र में पुलिस कस्टडी में 30 वर्षीय युवक की मौत के बाद बवाल मच गया। युवक की मौत की खबर मिलते ही आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर दिया। परिजनों ने पुलिस पर युवक से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं पुलिस का कहना है कि युवक की तबीयत मिर्गी का दौरा पड़ने के बाद बिगड़ी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने आरक्षक ईश्वरी राठौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया है।

20 लीटर देशी शराब के मामले में पकड़ा गया था युवक
जानकारी के अनुसार, मेंहदीपारा निवासी शिव सहिस को बुधवार दोपहर चांपा थाने के एक ट्रेनी सब-इंस्पेक्टर और दो आरक्षकों ने उसके घर से हिरासत में लिया था। पुलिस के मुताबिक, युवक के कब्जे से 20 लीटर देशी शराब मिलने के मामले में कार्रवाई की गई थी। पुलिस का यह भी कहना है कि युवक के खिलाफ पहले से शराब बिक्री और मारपीट से जुड़े तीन मामले दर्ज थे।

रात में अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में तोड़ा दम
बताया गया कि बुधवार रात करीब 10 बजे थाने में शिव सहिस की तबीयत अचानक बिगड़ गई। पुलिस उसे उपचार के लिए बीडीएम अस्पताल लेकर गई। इसके बाद गुरुवार सुबह उसे जांजगीर जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मौत की खबर मिलते ही थाने के बाहर जुटी भीड़
युवक की मौत की जानकारी मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण चांपा थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए थाने का घेराव कर दिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस कस्टडी के दौरान युवक के साथ मारपीट की गई, जिसके चलते उसकी मौत हुई।

वहीं पुलिस ने इन आरोपों से अलग दावा किया है। पुलिस के अनुसार, युवक को मिर्गी का दौरा पड़ा था और इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
एएसपी डॉ. यूलैंडन यार्क ने बताया कि युवक के खिलाफ पहले से तीन मामले दर्ज थे और यह चौथा मामला था। उसे नियमानुसार रिमांड प्रक्रिया के तहत कस्टडी में लिया गया था। शव को जिला अस्पताल की मच्युरी में रखा गया है।

एएसपी ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस विभाग ने फिलहाल आरक्षक ईश्वरी राठौर को निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच से यह साफ होगा कि युवक की मौत बीमारी के कारण हुई या कस्टडी में किसी तरह की मारपीट अथवा लापरवाही की भूमिका रही।






































