सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत यह आदेश जारी किया है। इसके अनुसार भारत में टेलीग्राम की सेवाओं को सीमित अवधि के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा। साथ ही, टेलीग्राम को निर्देश दिया गया है कि वह भारत में अपने “मैसेज एडिटिंग” फीचर को भी 30 जून 2026 तक बंद रखे। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस सुविधा का उपयोग कई मामलों में पुराने संदेशों को बदलकर नकली “पेपर लीक” के सबूत तैयार करने के लिए किया गया था।
एनटीए के अनुसार, टेलीग्राम पर “PAPER LEAKED NEET”, “Re-NEET 2026” और “Private Mafia” जैसे नामों वाले कई समूह सक्रिय थे। इन समूहों के संचालक छात्रों और उनके अभिभावकों को असली प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का झांसा देकर हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की मांग कर रहे थे। वे फर्जी पीडीएफ और भ्रामक सामग्री साझा कर उम्मीदवारों को गुमराह कर रहे थे।
एनटीए ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा का कोई भी प्रश्नपत्र सुरक्षा व्यवस्था से बाहर नहीं गया है और सोशल मीडिया पर किए जा रहे सभी पेपर लीक संबंधी दावे पूरी तरह फर्जी हैं। एजेंसी ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या लालच में न आएं और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
सरकार के अनुसार, टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय अंतिम विकल्प के रूप में लिया गया। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा फर्जी चैनलों और मध्यस्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई थी, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने पर यह कदम उठाना पड़ा। सरकार का मानना है कि इससे री-नीट परीक्षा को निष्पक्ष, सुरक्षित और विवाद-मुक्त बनाने में मदद मिलेगी।





































