RAIPUR NEWS. राजधानी में साइबर ठगी का एक और गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला को झांसे में लेकर ठगों ने उसके बैंक खातों से 5.78 लाख रुपए निकाल लिए। मामले में पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, ग्रीनडेल विहार, मोवा निवासी प्रतीमा मसीह को 31 मार्च को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक कर्मचारी बताया और कहा कि उनका खाता बंद हो गया है, जिसे चालू कराने के लिए व्हाट्सएप पर भेजे गए लिंक को ओपन करना होगा।

जैसे ही महिला ने लिंक खोला, उनका मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद ठगों ने उनके अलग-अलग बैंक खातों से किस्तों में कुल 5.78 लाख रुपए ट्रांसफर कर लिए। घटना का पता चलने के बाद पीड़िता ने पंडरी थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच जारी है। इस तरह के साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है, क्योंकि छोटी सी लापरवाही भारी नुकसान का कारण बन सकती है।

क्यूआर कोड बदलकर सेल्समेन ने अपने खाते पर डलवाए पैसे
दूसरी ओर, राजधानी के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक दुकान के एक सेल्समैन ने ग्राहकों से ठगी कर ली। आरोपी ने दुकान के क्यूआर कोड की जगह अपना निजी क्यूआर कोड लगाकर ग्राहकों से भुगतान अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिया। इस मामले में दुकानदार ने एफआईआर दर्ज कराई है। जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, टैगोर नगर निवासी गौरव डागा की कोतवाली चौक के पास युनिवर्सल सर्विसेस नाम की इलेक्ट्रॉनिक दुकान है, जहां शुभम देवांगन बीते एक साल से सेल्समैन के रूप में काम कर रहा था।

इस दौरान उसने चार ग्राहकों को भुगतान के लिए दुकान के बजाय अपना निजी क्यूआर कोड दे दिया। फिर नगद व ऑनलाइन दोनों माध्यम से रकम वसूली। पैसे देने के बाद भी जब ग्राहकों को सामान नहीं मिला तब उन्होंने दुकानदार से शिकायत की। तब जाकर मामले का खुलासा हुआ। आरोपी ने बोनी सोनी से 26 हजार रुपए नगद, त्रिलोक यादव से 29 हजार रुपए नगद, कामिनी सोनकर से 47,900 रुपए यूपीआई और दुष्यंत नेताम से 41 हजार रुपए यूपीआई के माध्यम से लिए हैं। इस तरह आरोपी ने कुल 1.43 लाख रुपए की ठगी की। फिलहाल इस मामले में अपराध दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।

पुलिस ने की ये अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है—
किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें
बैंक से जुड़े कॉल्स पर तुरंत भरोसा न करें
ओटीपी, पिन या निजी जानकारी साझा न करें





































