SURGUJA NEWS.: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में जंगल की बेशकीमती लकड़ियों के अवैध कारोबार का बड़ा मामला सामने आया है। वन विभाग की टीम ने रघुनाथपुर में बिना अनुमति संचालित हो रही एक अवैध लकड़ी मिल पर छापेमार कार्रवाई की है। इस दौरान भारी मात्रा में सागौन और साल की चिरान लकड़ियां बरामद की गईं, जिनकी कीमत 5 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। मौके से एक पिकअप वाहन भी जब्त किया गया है।

आकाश गुप्ता की मिल पर वन विभाग की दबिश
पूरा मामला वन परिक्षेत्र लुण्ड्रा के रघुनाथपुर इलाके का है। जानकारी के मुताबिक, यहां आकाश गुप्ता द्वारा कथित तौर पर बिना लाइसेंस लकड़ी मिल संचालित की जा रही थी। वन विभाग की टीम ने जब मौके पर छापा मारा तो वहां बड़ी मात्रा में सागौन और साल की कीमती लकड़ियों का चिरान मिला। प्रारंभिक जांच में अवैध लकड़ी कटाई और बिना अनुमति लकड़ियों के भंडारण के जरिए कारोबार संचालित किए जाने की आशंका सामने आई है।

5 लाख से ज्यादा की लकड़ी और पिकअप जब्त
कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने 5 लाख रुपये से अधिक कीमत की लकड़ियां जब्त की हैं। इसके अलावा लकड़ी के परिवहन में इस्तेमाल होने वाले एक पिकअप वाहन को भी कब्जे में लिया गया है। मामले में दो आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।विभाग के मुताबिक, वन अधिनियम के तहत इस तरह के अपराध में दो साल तक की सजा का प्रावधान है। हालांकि, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

लंबे समय से चल रहा था अवैध कारोबार, विभागीय भूमिका पर भी सवाल
बताया जा रहा है कि इलाके में लंबे समय से अवैध लकड़ी कारोबार संचालित होने की आशंका है। जांच में यह भी सामने आया है कि मिल संचालन के लिए न तो वैध लाइसेंस मौजूद था और न ही इसके लिए आवेदन किया गया था। अब वन विभाग इस पूरे मामले के नेटवर्क की पड़ताल कर रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इतने लंबे समय तक कथित अवैध कारोबार चलता रहा तो इसकी जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को क्यों नहीं मिली। विभागीय कर्मचारियों की संभावित भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है।




































