RAIPUR NEWS. महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले के प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर रायपुर लाया गया है। CBI की टीम उसे लेकर रायपुर स्थित अपने कार्यालय पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि मीडिया की नजरों से बचाने के लिए एयरपोर्ट की लाइटें बंद करवाई गईं और कड़ी सुरक्षा के बीच उसे रवाना किया गया। वहीं, CBI कार्यालय की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
कल कोर्ट में पेश हो सकता है सौरभ चंद्राकर
जानकारी के मुताबिक, CBI सौरभ चंद्राकर को कोर्ट में पेश कर सकती है। जांच एजेंसी उससे पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग करेगी। रिमांड मिलने के बाद महादेव सट्टा नेटवर्क से जुड़े कई अहम पहलुओं पर पूछताछ की जा सकती है। जांच एजेंसी की नजर सट्टे से होने वाली कमाई, हवाला नेटवर्क और कथित राजनीतिक एवं प्रशासनिक संरक्षण से जुड़े पहलुओं पर है। हालांकि, पूछताछ में किसी नए खुलासे की फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
देशभर में फैला था महादेव ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क
CBI के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन बुक सिंडिकेट देश के बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क में शामिल था। इस नेटवर्क के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल और दूसरे खेलों पर ऑनलाइन सट्टा लगाया जाता था। जांच में देशभर में 3,000 से अधिक पैनल और शाखाएं संचालित होने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, सट्टे से मिलने वाली रकम म्यूल बैंक खातों के जरिए जमा की जाती थी। इसके बाद कई स्तरों पर लेनदेन कर रकम हवाला नेटवर्क के माध्यम से विदेश भेजे जाने का आरोप है।
नेताओं और अधिकारियों को संरक्षण राशि देने के आरोप
महादेव सट्टा मामले में कथित तौर पर नेताओं, पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को संरक्षण राशि दिए जाने के आरोप भी जांच के दायरे में हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सितंबर 2026 में अदालत में दाखिल शिकायत में संबंधित सट्टा प्लेटफॉर्म से करीब 94,400 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय का अनुमान जताया था। हालांकि, यह जांच एजेंसी का अनुमान है और इसे अदालत द्वारा प्रमाणित राशि नहीं माना जा सकता।
सौरभ चंद्राकर से पूछताछ में खुल सकते हैं कई राज
ओमान से प्रत्यर्पण के बाद सौरभ चंद्राकर से पूछताछ को इस मामले की जांच में अहम माना जा रहा है। CBI यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क कैसे संचालित होता था, पैसों का लेनदेन किन माध्यमों से किया जाता था और इस पूरे सिंडिकेट में किन लोगों की भूमिका थी।
अब सबकी नजरें कोर्ट में होने वाली पेशी और CBI की रिमांड मांग पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी मिल सकती है।




































