RAIPUR NEWS. राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां मोबाइल फोन गुम होने के बाद एक 70 वर्षीय बुजुर्ग के बैंक खाते से साइबर ठगों ने करीब 3 लाख रुपये पार कर दिए। आरोपित ने तीन दिनों के भीतर यूपीआई के जरिए तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर कुल 2,99,998 रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर कर लिए। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित को इसकी भनक तक नहीं लगी। मामले में डीडी नगर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शुक्रवारी बाजार में गुम हुआ था मोबाइल
पुलिस के मुताबिक, डंगनिया स्थित बम्लेश्वरी मंदिर के पास साई मंदिर रोड निवासी 70 वर्षीय राजेश खरे सीएसईबी से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। उनका यूको बैंक की फाफाडीह मुख्य शाखा में खाता है। उन्होंने बताया कि 23 अक्टूबर को शुक्रवारी बाजार में उनका मोबाइल फोन कहीं गुम हो गया था। इसके बाद उन्होंने आजाद चौक थाने में मोबाइल गुम होने की शिकायत दर्ज कराई और उसी नंबर का दूसरा सिम कार्ड ले लिया।
26 से 28 अक्टूबर के बीच खाते से निकले पैसे
मोबाइल गुम होने के तीन दिन बाद ही उनके बैंक खाते से रकम निकलनी शुरू हो गई। 26, 27 और 28 अक्टूबर को यूपीआई के माध्यम से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए गए। इन ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 2,99,998 रुपये दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए गए।
पीड़ित का कहना है कि इस दौरान उन्हें बैंक की ओर से किसी भी ट्रांजेक्शन का मैसेज नहीं मिला। ऐसे में उन्हें खाते से पैसे निकलने की जानकारी नहीं हो सकी।
खाते में सिर्फ 10 हजार रुपये देख उड़े होश
30 अक्टूबर को बुजुर्ग के मोबाइल नंबर पर बैंक खाते में सिर्फ 10 हजार रुपये शेष होने का मैसेज आया। यह देखकर वह हैरान रह गए। इसके बाद उन्होंने बैंक पहुंचकर खाते का स्टेटमेंट निकलवाया। जांच में पता चला कि पिछले तीन दिनों में उनके खाते से करीब 3 लाख रुपये निकाले जा चुके हैं।
इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। डीडी नगर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मोबाइल गुम होने के बाद आरोपी ने बैंक खाते और यूपीआई तक पहुंच कैसे बनाई और इस धोखाधड़ी में कौन शामिल है।





































