BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सरकारी आवास योजना के तहत मकान आवंटित होने के छह साल बाद भी हितग्राही को उसका कब्जा नहीं मिल पाया। मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए बिलासपुर कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अदालत ने अधिकारियों से पूछा है कि हाईकोर्ट के पूर्व आदेश का पालन नहीं करने पर उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए। जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।
2020 में मकान आवंटित, अब तक नहीं मिला कब्जा
मामला शहरी निर्धन आवास योजना के तहत आवंटित मकान से जुड़ा है। बिलासपुर के चांटीडीह किसान मोहल्ला निवासी देव कुमार निर्मलकर के अनुसार, उन्हें 15 अक्टूबर 2020 को लिंगियाडीह के वार्ड क्रमांक 52 में मकान नंबर एन-1 आवंटित किया गया था। हालांकि, आवंटन के बावजूद उन्हें आज तक मकान का कब्जा नहीं मिला। याचिकाकर्ता ने मकान का कब्जा पाने के लिए लंबे समय तक प्रयास किए। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
हाईकोर्ट ने मकान की मरम्मत कर कब्जा देने का दिया था आदेश
याचिका के अनुसार, हाईकोर्ट ने 15 जून 2026 को आदेश जारी कर संबंधित अधिकारियों को आवंटित मकान की मरम्मत कराने और उसे रहने योग्य बनाने के बाद याचिकाकर्ता को कब्जा सौंपने के निर्देश दिए थे। अदालत के आदेश का पालन कराने के लिए देव कुमार निर्मलकर ने 13 जुलाई 2026 को नगर निगम आयुक्त और 14 जुलाई 2026 को बिलासपुर कलेक्टर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया। इन आवेदनों के साथ हाईकोर्ट के आदेश की प्रति भी दी गई थी।
आदेश का पालन नहीं होने पर अवमानना याचिका
याचिकाकर्ता का आरोप है कि आवेदन देने के बावजूद मकान की मरम्मत और कब्जा सौंपने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की। प्रकरण की प्रारंभिक सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने 7 अक्टूबर 2026 को बिलासपुर कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
अधिकारियों से हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
हाईकोर्ट ने दोनों अधिकारियों से जवाब मांगा है कि पूर्व में जारी आदेश का पालन नहीं किए जाने पर उनके खिलाफ न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए। अब मामले की अगली सुनवाई में अधिकारियों के जवाब और आदेश के अनुपालन से जुड़ी स्थिति पर नजर रहेगी।


































