NEW DELHI/ RAIPUR NEWS. देश के कई राज्यों में बारिश अब आफत बनती जा रही है। उत्तराखंड में लैंडस्लाइड और चट्टानें गिरने से केदारनाथ यात्रा प्रभावित हुई है, वहीं छत्तीसगढ़ में मानसून धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है। हालांकि प्रदेश के कुछ हिस्सों में अगले दो दिनों तक बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रह सकती है। इसके अलावा बिहार में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हैं, जबकि राजस्थान और मध्यप्रदेश में भी बारिश का दौर जारी है। उत्तराखंड में जगह-जगह लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आ रही हैं। रविवार को केदारनाथ के चीरबासा हेलिपैड के पास पहाड़ से चट्टानें गिरने से 65 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई। केदारनाथ पैदल मार्ग पर भी लैंडस्लाइड होने के बाद यात्रा रोक दी गई है।

भीमबली से केदारनाथ के बीच करीब 1,000 यात्री फंसे हुए हैं। इनमें कई यात्रियों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आई है। छत्तीसगढ़ में मानसून अब धीरे-धीरे कमजोर होने लगा है। 14 सितंबर को प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है। अगले दो दिनों में भी कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।

पिछले 24 घंटे में प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बस्तर संभाग में कुछ जगह तेज बारिश रिकॉर्ड की गई। बड़े बचेली और कोंटा में सबसे ज्यादा 80-80 मिमी बारिश दर्ज हुई। बारिश के दौरान धमतरी के मॉडमसिल्ली बांध में मामा-भांजे तेज बहाव में बह गए। दोनों 12 सितंबर की देर शाम गेदारापारा के रपटा के पास मछली पकड़ रहे थे। एक का पैर फिसलने के बाद उसे बचाने की कोशिश में दूसरा भी बह गया। रविवार को तलाश के दौरान दोनों के शव घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर झाड़ियों में मिले।

बिहार में 48 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
बिहार में 14 जिलों के 2,360 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। यहां 48 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य की आठ नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने से कोलकाता से वाराणसी जा रहा राजमहल क्रूज भागलपुर में छह दिनों से फंसा था। क्रूज पर सवार नौ विदेशी समेत 11 पर्यटकों को रविवार को सुरक्षित निकाल लिया गया।
राजस्थान में 36 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट
राजस्थान में 14 सितंबर को 36 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम का असर 16 सितंबर तक रहने का अनुमान है।

एमपी में तीन मानसूनी सिस्टम एक्टिव
मध्यप्रदेश में इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में तीन मानसूनी सिस्टम सक्रिय हैं। भोपाल समेत कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है। बड़वानी में नदी-नाले उफान पर हैं। मुरैना में चंबल नदी में नहाते समय पिता-पुत्र की डूबने से मौत हो गई। वहीं टीकमगढ़ में भारी बारिश के बाद बान सुजारा बांध के चार गेट खोल दिए गए हैं।






































