BILASPUR NEWS. ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान महंगे ब्रांड का सामान खरीदना उपभोक्ता के लिए भारी पड़ सकता है। बिलासपुर में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां अमेजन से ₹24,900 में खरीदे गए एप्पल एयरपॉड्स प्रो नकली निकले। शिकायत और फॉरेंसिक जांच के बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने सेलर अप्पारियो रिटेल प्राइवेट लिमिटेड को सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार का दोषी माना है।

तालापारा रोड निवासी मोहम्मद अरशद ने 8 मई 2022 को अमेजन के जरिए ₹24,900 में एप्पल एयरपॉड्स प्रो कैश ऑन डिलीवरी पर ऑर्डर किया था। 18 मई को पार्सल मिलने के बाद बॉक्स खोलते ही उन्हें उत्पाद की वास्तविकता पर संदेह हुआ। उन्होंने एप्पल स्टोर में इसकी जांच कराई, जहां भी उत्पाद संदिग्ध पाया गया।
अरशद ने अनबॉक्सिंग वीडियो सहित अमेजन पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उन्हें अपेक्षित समाधान नहीं मिला। आरोप है कि उनकी ओर से डाली गई समीक्षा भी हटा दी गई। इसके बाद उन्होंने विधिक नोटिस भेजकर उपभोक्ता आयोग की शरण ली।

फॉरेंसिक जांच में सामने आया बड़ा अंतर
सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने स्वतंत्र फॉरेंसिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट आयोग के समक्ष पेश की। रिपोर्ट में असली और प्राप्त एयरपॉड्स के वजन, आकार, सीरियल कोडिंग, मार्किंग और मैग्नेटिक फोर्स में स्पष्ट अंतर पाया गया। इन अंतर के आधार पर आयोग ने उत्पाद को नकली मानते हुए सेलर को जिम्मेदार ठहराया।

अमेजन और एप्पल इंडिया को मिली राहत
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष आनंद कुमार सिंघल, सदस्य पूर्णिमा सिंह और आलोक कुमार पाण्डेय की पीठ ने मामले में अमेजन इंडिया और एप्पल इंडिया को दायित्व से मुक्त कर दिया। आयोग ने माना कि अमेजन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है और संबंधित बिल सेलर के नाम पर जारी हुआ था। वहीं मामला निर्माण दोष का नहीं, बल्कि नकली उत्पाद की बिक्री का था, इसलिए एप्पल इंडिया की जवाबदेही नहीं बनती।

आयोग ने दिए ये आदेश
-₹24,900 की मूल राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटानी होगी।
-मानसिक संताप व क्षतिपूर्ति के लिए ₹5,000 देने होंगे।
-वाद व्यय के रूप में ₹3,000 का भुगतान करना होगा।
-आदेश की तारीख से 45 दिनों के भीतर भुगतान करना होगा।
इस तरह ऑनलाइन खरीदे गए नकली एयरपॉड्स के मामले में उपभोक्ता आयोग ने सेलर को जिम्मेदार ठहराते हुए उपभोक्ता को राहत दी है।






































