BHILAI NEWS. छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक और कार्रवाई से सियासी हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व PA के.के. चंद्रवंशी के पुरानी भिलाई स्थित आवास पर मंगलवार सुबह ED की टीम पहुंची। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, टीम करीब सुबह 6 बजे दो गाड़ियों में मौके पर पहुंची और घर के अंदर दस्तावेजों की जांच शुरू की। मौके पर सुरक्षा के लिए जवान भी तैनात किए गए हैं। हालांकि, ED की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह कार्रवाई किस मामले या किस जांच के सिलसिले में की जा रही है। इसलिए फिलहाल किसी विशेष केस से इस कार्रवाई को सीधे जोड़ना जल्दबाजी होगी।

जानकारी के अनुसार, ED के अधिकारी तड़के पुरानी भिलाई स्थित चंद्रवंशी के आवास पर पहुंचे। अधिकारियों ने घर के अंदर प्रवेश करने के बाद दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू की। मीडिया रिपोर्टों में टीम में करीब 5-8 अधिकारियों के होने और दो वाहनों से पहुंचने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल जांच जारी है और कार्रवाई से जुड़े आधिकारिक विवरण का इंतजार है। ED की इस कार्रवाई के पीछे का मामला अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में यह कहना कि छापेमारी सीधे शराब घोटाले से जुड़ी है, फिलहाल पुष्ट नहीं है। हालांकि, यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले की जांच में ED और EOW की कार्रवाई लगातार जारी है। हाल ही में भी इस मामले से जुड़े लोगों और ठिकानों पर जांच एजेंसियों की कार्रवाई सामने आई है।

क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला?
जांच एजेंसियों के अनुसार, कथित शराब घोटाला मुख्य रूप से 2019 से 2022 के बीच की सरकारी शराब बिक्री व्यवस्था से जुड़ा है। ED ने आरोप लगाया है कि एक सिंडिकेट के जरिए शराब की बिक्री और कमीशन के अलग-अलग माध्यमों से अवैध रकम जुटाई गई और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया। ED की एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में भी 2019-2022 की अवधि और कमीशन व बिना हिसाब वाली देशी शराब की बिक्री जैसे आरोपों का उल्लेख है।

EOW की जांच में कथित घोटाले की राशि ₹3,200 करोड़ से अधिक बताई गई है। 2025 में दाखिल एक पूरक आरोपपत्र के बारे में रिपोर्ट करते हुए एजेंसी के हवाले से बताया गया था कि जांच में 2019-2023 के दौरान 15 जिलों में बिना हिसाब वाली शराब की समानांतर बिक्री से जुड़े आरोप सामने आए। हालांकि, ये जांच एजेंसियों के आरोप हैं और मामले की न्यायिक प्रक्रिया जारी है। किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि अदालत के अंतिम फैसले से ही तय होगी।

ED की कार्रवाई से फिर गरमा सकता है सियासी माहौल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व PA के आवास पर ED की कार्रवाई ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। फिलहाल टीम की जांच जारी है और यह साफ होना बाकी है कि अधिकारियों को तलाशी के दौरान क्या दस्तावेज या अन्य सामग्री मिली है। जांच पूरी होने और ED की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही कार्रवाई की असली वजह और इसके शराब घोटाले या किसी अन्य मामले से संबंध की तस्वीर साफ होगी।

































