GUJARAT NEWS. गुजरात के वडोदरा में पुलिस ने एक ऐसे मामले का खुलासा किया है, जिसमें बाहर से सामान्य दिखने वाले रिहायशी फ्लैट के अंदर कथित तौर पर ऑनलाइन वीडियो कॉलिंग का नेटवर्क चल रहा था। मामला मांजलपुर इलाके के प्रकृति फ्लैट्स का है। पुलिस के मुताबिक, यहां युवतियों के जरिए ग्राहकों से ऑनलाइन वीडियो कॉल पर संपर्क कराया जाता था। ग्राहक पहले ऑनलाइन पैसे रिचार्ज करते और बदले में उन्हें कॉइन्स मिलते थे। वीडियो कॉल जितनी देर चलती, उतने ही अधिक कॉइन्स खर्च होते थे।

करीब 11 लाख रुपये में खरीदा था फ्लैट
पुलिस ने इस मामले में मनीष पढियार नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मनीष ने करीब 11 लाख रुपये में यह फ्लैट खरीदा था और कथित तौर पर यहीं से पूरा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। 11 अगस्त को मांजलपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि एक रिहायशी फ्लैट में कुछ युवतियों को रखकर ऑनलाइन आपत्तिजनक गतिविधियां कराई जा रही हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने फ्लैट पर छापा मारा। जांच के दौरान पुलिस को ऑनलाइन वीडियो कॉलिंग से जुड़े नेटवर्क की जानकारी मिली। आरोप है कि युवतियां एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों से जुड़ती थीं।

पहले रिचार्ज, फिर कॉइन्स और उसके बाद वीडियो कॉल
पुलिस के मुताबिक, कथित नेटवर्क में StripChat नाम के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाता था। ग्राहक पहले अपने अकाउंट में पैसे जमा करते थे। इसके बदले उन्हें कॉइन्स मिलते थे। इसके बाद वीडियो कॉल शुरू होती थी और कॉल की अवधि के हिसाब से ग्राहक के अकाउंट से कॉइन्स कम होते जाते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क से कितनी रकम का लेनदेन हुआ और पैसा किन-किन खातों में पहुंचा। पुलिस का कहना है कि कथित कमाई को 50-50 प्रतिशत के अनुपात में बांटे जाने की बात सामने आई है। ग्राहकों से मिलने वाली रकम आरोपी के खाते में ट्रांसफर होने के बाद उसका हिस्सा अलग किया जाता था और बाकी रकम युवतियों को दिए जाने का आरोप है।

पहले कॉल सेंटर चलाता था आरोपी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मनीष पहले कॉल सेंटर चलाता था। इसी दौरान उसके संपर्क में आई एक युवती के भी कथित तौर पर इस गतिविधि से जुड़ने की बात सामने आई है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नेटवर्क कितने समय से चल रहा था और इसमें कुल कितने लोग शामिल थे।

गाजियाबाद की युवती से भी पूछताछ
जांच के दौरान पुलिस को गाजियाबाद की रहने वाली एक युवती के बारे में भी जानकारी मिली है। पुलिस के अनुसार, युवती एयर होस्टेस बनने की पढ़ाई कर रही है और कथित तौर पर इस नेटवर्क से जुड़ी थी। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है। ACP विमल गामित के मुताबिक, पुलिस ब्लैकमेलिंग और धोखाधड़ी के एंगल से भी जांच कर रही है। फिलहाल किसी व्यक्ति के ब्लैकमेल किए जाने का मामला सामने नहीं आया है, लेकिन पुलिस ऑनलाइन वीडियो कॉल और आपत्तिजनक कंटेंट से जुड़े संभावित जोखिमों को देखते हुए इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है।

बैंक अकाउंट और मोबाइल की जांच
पुलिस आरोपी के बैंक खातों, मोबाइल फोन और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नेटवर्क से कितने ग्राहक जुड़े थे, कितना पैसा आया और रकम किन खातों में ट्रांसफर की गई। फिलहाल आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस की जांच जारी है। नेटवर्क की पूरी तस्वीर जांच आगे बढ़ने के बाद ही साफ होगी।





































