CHHATTISGARH WEATHER UPDATE: बंगाल और ओडिशा के ऊपर बने डीप डिप्रेशन का असर अब छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में अगले 24 घंटे तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के कई इलाकों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि 31 जुलाई के बाद बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने के संकेत हैं।

कई जिलों में हुई झमाझम बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान रायपुर संभाग में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सरगुजा, दुर्ग, बस्तर और बिलासपुर संभाग के कई हिस्सों में भी अच्छी बारिश हुई। लगातार हो रही बारिश से कई नदियां और नाले उफान पर हैं।

दो अलग-अलग हादसों में तीन लोगों की मौत
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लाट नाले में 26 जुलाई को बह गए दंपती के शव चार दिन बाद बरामद किए गए। दोनों अपनी कार से उफनते नाले को पार करने की कोशिश कर रहे थे। बुधवार को घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर चिखली गांव के पास कार के भीतर दोनों के शव मिले।

वहीं गरियाबंद जिले में उफनते सरगी नाले को पार करते समय 55 वर्षीय थनवार यादव तेज बहाव में बह गए। उनका शव करीब पांच किलोमीटर दूर खुटेरी गांव के पास मिला। इसके अलावा सक्ती जिले के दमाऊधारा जलप्रपात में बहने वाले युवक प्रतीक कंवर का शव भी 24 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बरामद किया गया।

रायपुर में दिनभर बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को रायपुर में दिनभर घने बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

बांधों से छोड़ा जा रहा पानी
लगातार बारिश के चलते गरियाबंद के सिकासार बांध से 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसके बाद पैरी नदी के किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। वहीं धमतरी के सोंढूर डैम के सभी गेट खोल दिए गए हैं। सोंढूर, दुधावा और गंगरेल जलाशयों के कैचमेंट क्षेत्रों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
डीप डिप्रेशन बना बारिश की बड़ी वजह
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी और उत्तर आंतरिक ओडिशा के आसपास बना डीप डिप्रेशन पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। इस सिस्टम के कारण प्रदेश में लगातार नमी पहुंच रही है, जिससे रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग में तेज बारिश का दौर जारी है। अगले 24 घंटे में सिस्टम के मध्यप्रदेश की ओर बढ़ने के बाद बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम हो सकती है।
अब तक सामान्य से 12 फीसदी कम बारिश
1 जून से 29 जुलाई 2026 तक छत्तीसगढ़ में औसतन 477.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य वर्षा 544.6 मिमी होनी चाहिए थी। यानी इस सीजन में अब तक प्रदेश में 12 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि भारतीय मौसम विभाग के मानकों के अनुसार यह स्थिति अभी भी सामान्य श्रेणी में मानी जा रही है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश
इस मानसून सीजन में सारंगढ़-बिलाईगढ़ सबसे अधिक बारिश वाला जिला रहा है। यहां अब तक 769.1 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य से 76 प्रतिशत अधिक है। वहीं प्रदेश के कई जिले अब भी सामान्य बारिश से पीछे चल रहे हैं।



































