JHANSI NEWS : झांसी। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के पौत्र अजय सिंह के साथ बैंक के भीतर 40 लाख रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी ने बैंक कर्मचारी बनकर नहीं, बल्कि ग्राहक बनकर बैंक में प्रवेश किया और चतुराई से आरटीजीएस फॉर्म बदलकर रकम अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए पश्चिम बंगाल निवासी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के अनुसार अजय कुमार सिंह “जानकी ध्यानचंद एंड संस” नाम से पेट्रोल पंप का संचालन करते हैं। उनकी फर्म का खाता Central Bank of India की बुंदेलखंड महाविद्यालय के पास स्थित शाखा में है। 2 जून को उन्होंने डीजल खरीद के भुगतान के लिए 40 लाख रुपये का चेक और आरटीजीएस फॉर्म बैंक में जमा किया था।

चेक जमा करने के बाद अजय सिंह घर लौट गए, लेकिन इसी दौरान बैंक में मौजूद एक जालसाज ने कर्मचारी की टेबल पर रखे आरटीजीएस फॉर्म को बदल दिया। आरोपी ने नए फॉर्म में अपने खाते की जानकारी भरकर अजय सिंह के फर्जी हस्ताक्षर कर दिए और फॉर्म को वहीं रख दिया। इसके बाद 40 लाख रुपये फर्म के खाते से निकलकर “सुकुमंडी” नाम के खाते में ट्रांसफर हो गए।

जब भुगतान पेट्रोलियम कंपनी तक नहीं पहुंचा तो अजय सिंह को ठगी का पता चला। उनकी शिकायत पर नवाबाद थाने में मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी समीर सामंथ पश्चिम बंगाल का रहने वाला है और 31 मई को झांसी पहुंचा था। वह कई बैंकों की रेकी कर रहा था। पुलिस के अनुसार आरोपी ने ट्रांसफर की गई रकम का उपयोग फोन बैंकिंग और यूपीआई के जरिए किया। चोरी की रकम से उसने दो बार ज्वेलरी की खरीदारी भी की थी।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 94,100 रुपये नकद, तीन सोने की अंगूठियां, एक सोने का लॉकेट, 12 भरे हुए चेक, पांच डेबिट कार्ड, एक पैन कार्ड, दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक कीपैड मोबाइल और तीन सिम कार्ड बरामद किए हैं। इसके अलावा खाते में मौजूद लगभग 37 लाख रुपये भी फ्रीज करा दिए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने “सुकुमंडी” नाम से विभिन्न बैंकों में आठ खाते खुलवा रखे थे। मामले में आगे की जांच जारी है।





































