RAIGHAR NEWS. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में करीब 5 साल पुराने एक सनसनीखेज हत्याकांड में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत जंगली सुअर का मांस अकेले खा जाने के मामूली विवाद पर एक ग्रामीण की पीट-पीटकर हत्या करने वाले दो आरोपियों को न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।

यह घटना साल 2019 की है, जो धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम सकरलिया में घटी थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गांव के रथूराम राठिया (60) और सीताराम राठिया (35) का विवाद श्यामलाल राठिया के साथ हुआ था। विवाद की वजह बेहद चौंकाने वाली थी; दोनों आरोपियों ने श्यामलाल पर आरोप लगाया था कि उसने जंगली सुअर का मांस अकेले ही खा लिया और उन्हें हिस्सा नहीं दिया।


बेरहमी से की गई थी पिटाई
विवाद इतना बढ़ा कि दोनों आरोपियों ने श्यामलाल के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद दोनों ने मिलकर डंडों से श्यामलाल पर हमला कर दिया। इस हमले में श्यामलाल के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतक के पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 302 और 34 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था।

कोर्ट का फैसला और जुर्माना
इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा में हुई। न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने मामले के तथ्यों और गवाहों के आधार पर दोनों आरोपियों को हत्या का दोषी करार दिया। दोनों दोषियों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने दोनों दोषियों पर 1-1 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस महत्वपूर्ण मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने मजबूती से पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप दोषियों को उनके किए की सजा मिली।




































