RAIGARH NEWS. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने खुद को कृषि मंत्री रामविचार नेताम का बहनोई बताकर चार लोगों से कुल 22 लाख 70 हजार रुपये ऐंठ लिए। जब नौकरी नहीं मिली तो पीड़ितों को गाली-गलौज कर भगा दिया गया। कोतवाली थाना क्षेत्र निवासी समारू राम टंडन (51) की अप्रैल 2025 में रायपुर के जयस्तंभ चौक के पास महासमुंद जिले के कुमार राम ठाकुर और उसकी पत्नी सोहद्रा बाई ठाकुर से मुलाकात हुई।

बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को मंत्री का बहनोई बताया और मंत्रालय में अच्छी पकड़ होने का दावा किया। उसने सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर संपर्क बनाए रखा। घर लौटने के बाद समारू ने अपने बेटे का बायोडाटा भेजा, जिसके बाद आरोपी ने नौकरी लगाने के लिए पैसों की मांग शुरू कर दी। समारू ने अपने परिचितों पिंटू लहरे, राजेश साहू और सुशील चौहान के बेटे लोकनाथ चौहान—को भी इस बारे में बताया।

इसके बाद सभी ने अपने-अपने बायोडाटा आरोपी को भेज दिए। इसके बाद आरोपी ने अलग-अलग किस्तों में 4 लाख रुपये नकद, 9.92 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर, 8.77 लाख रुपये बाद में वसूले। इस तरह कुल 22.70 लाख रुपये आरोपियों के पास पहुंच गए। 1 दिसंबर 2025 को आरोपी ने सभी को महासमुंद जिले के भद्ररसी गांव बुलाया। वहां उसने फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाए और कहा कि 12 दिसंबर को मंत्रालय में डाटा ऑपरेटर पद पर जॉइनिंग होगी, लेकिन उससे पहले पूरा भुगतान करना होगा।

पीड़ितों ने भरोसा कर बाकी रकम भी दे दी। 12 दिसंबर को आरोपी ने फोन कर बताया कि विधानसभा सत्र के कारण नियुक्ति रोक दी गई है और एक सप्ताह बाद जॉइनिंग होगी। इसके बाद लगातार फोन करने पर आरोपी टालमटोल करता रहा। जब पीड़ित सीधे उसके गांव पहुंचे और पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने गाली-गलौज कर साफ इनकार कर दिया।

ठगी का एहसास होने के बाद समारू राम टंडन ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि सरकारी नौकरी के नाम पर जुगाड़ या सिफारिश का झांसा अक्सर ठगी का जरिया बन जाता है। किसी भी भर्ती प्रक्रिया में केवल आधिकारिक माध्यमों पर ही भरोसा करना सुरक्षित है।




































