RAIPUR NEWS. राजधानी रायपुर के बीटीआई मैदान में कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा आयोजित नेशनल ट्रेड एक्सपो 2026 का समापन समारोह गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और राज्य के व्यापार, उद्योग व विकास के विजन को विस्तार से प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि के साथ-साथ व्यापार और उद्योग के लिए भी अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। यही कारण है कि व्यापारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि राज्य में निवेश के लिए आगे आ रहे हैं।

1.72 लाख करोड़ का ‘संकल्प’ बजट
मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि सरकार के तीसरे वर्ष का यह बजट “संकल्प” थीम पर आधारित है।
उन्होंने बताया कि पहले वर्ष का बजट “ज्ञान” थीम पर आधारित था, जिसमें गरीब, युवा, अन्नदाता किसान और नारी के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। दूसरे वर्ष “गति” थीम के जरिए विकास को रफ्तार दी गई, जबकि इस वर्ष का बजट प्रदेश के समग्र विकास के संकल्प को दर्शाता है।

बस्तर और सरगुजा पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि बस्तर प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर क्षेत्र है, लेकिन चार दशकों तक नक्सलवाद के कारण विकास से वंचित रहा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जा रही है और 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई से कई बड़े माओवादी मारे गए हैं और बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिससे राज्य विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

शिक्षा, कृषि और वन उत्पादों पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि सरकार ने अबूझमाड़ और जगरगुंडा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी स्थापित करने के लिए बजट में प्रावधान किया है। साथ ही कृषि को बढ़ावा देने और वन उत्पादों के वैल्यू एडिशन पर भी विशेष कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य का लगभग 44 प्रतिशत हिस्सा वनाच्छादित है और सैकड़ों प्रकार के वन उत्पाद उपलब्ध हैं, जिनका मूल्य संवर्धन कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त किया जा रहा है।
2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के “विकसित भारत 2047” के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। सरकार आने वाले पांच वर्षों में राज्य की जीएसडीपी दर को दोगुना करने और वर्ष 2047 तक इसे 75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने के लक्ष्य पर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि नई उद्योग नीति के तहत विभिन्न शहरों में आयोजित इन्वेस्ट मीट के माध्यम से लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से कई परियोजनाओं पर कार्य शुरू हो चुका है। इन निवेशों में सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्रों की परियोजनाएं भी शामिल हैं।

व्यापारियों की भूमिका अहम
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में व्यापारी वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने नेशनल ट्रेड एक्सपो के सफल आयोजन के लिए कैट की टीम को बधाई दी। इस अवसर पर राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन सुनील सिंघी, रायपुर महापौर मीनल चौबे और कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर परवानी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया, प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और कैट द्वारा प्रकाशित स्वदेशी पोस्टर का विमोचन भी किया।




































