NEW DELHI NEWS. नए साल की शुरुआत के साथ ही देश को हाई-स्पीड रेल का बड़ा तोहफा मिलने की तारीख तय हो गई है। लंबे समय से जिस बुलेट ट्रेन का इंतजार किया जा रहा था, अब उसके पटरी पर उतरने की समयसीमा सामने आ चुकी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा खुलासा किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर आखिरकार तस्वीर साफ हो गई है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 1 जनवरी 2026 को घोषणा करते हुए कहा कि देश को उसकी पहली बुलेट ट्रेन 15 अगस्त 2027 को मिल जाएगी। रेल मंत्री ने यह जानकारी दी और मजाकिया लहजे में कहा कि अभी टिकट खरीद लीजिए, अगले साल बुलेट ट्रेन भी आ जाएगी। इससे पहले 16 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सूरत में निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन स्टेशन का दौरा किया था।

पीएम मोदी ने मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के काम की समीक्षा की और मौके पर मौजूद कर्मचारियों से बातचीत भी की थी। पीएम मोदी ने कर्मचारियों से कहा था कि बुलेट ट्रेन देश की नई पहचान है और यह उपलब्धि सरकार के साथ-साथ मेहनत करने वाले हर कर्मचारी की भी है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (MAHSR) की कुल लंबाई करीब 508 किलोमीटर है। इसमें से 352 किलोमीटर हिस्सा गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली में तथा 156 किलोमीटर महाराष्ट्र में पड़ता है।

यह कॉरिडोर साबरमती, अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलिमोरा, वापी, बोईसर, विरार, ठाणे और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ेगा। बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा पुलों पर बनाया जा रहा है। अब तक 326 किलोमीटर पुलों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। कुल 25 में से 17 बड़े पुल बनकर तैयार हो चुके हैं, जिससे प्रोजेक्ट की रफ्तार का अंदाजा लगाया जा सकता है।

रेल मंत्रालय का दावा है कि तय समयसीमा के भीतर काम पूरा कर देश को पहली बुलेट ट्रेन सौंप दी जाएगी, जिससे भारत भी हाई-स्पीड रेल वाले देशों की कतार में शामिल हो जाएगा।




































