28 अगस्त 2014 को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक कोर्ट, कोरबा ने तीनों महिलाओं को धारा 4 के आरोप से बरी कर दिया था। इस फैसले को राज्य शासन ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने मामले के तथ्यों और कानूनी प्रावधानों पर विचार करने के बाद राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी। इसके साथ ही महिलाओं को बरी करने का फैसला बरकरार रहा। Read More






























