माइक्रोप्लास्टिक की पहचान के लिए भारत में अलग-अलग माध्यमों की जांच पद्धतियां विकसित की जा रही हैं। NGT में सुनवाई के दौरान CPCB ने बताया कि मानकीकरण और प्रयोगशाला सत्यापन में करीब 12 महीने लग सकते हैं। जानिए किन संस्थानों को कौन-सी जिम्मेदारी दी गई है। Read More






























