मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि न्यायालय स्वयं को समाज से पृथक नहीं रख सकते। उन्होंने दंतेवाड़ा, बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों का उल्लेख करते हुए कहा कि न्याय की पहुँच भौगोलिक दूरी से सीमित नहीं होनी चाहिए। न्याय हर नागरिक तक पहुँचे—चाहे वह किसी भी कोने में रहता हो, यह संदेश पूरे समारोह का मूल स्वर बन गया। Read More





























