पीड़िता के अनुसार, उसने सबसे पहले इस मामले की शिकायत शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से की थी, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उसने पुलिस की शरण ली और प्राचार्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। Read More





























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