प्राचार्य सी.बी. मिश्रा ने कहा कि जिस वक़्त विद्यार्थियों को रेगुलर केटेगरी में एडमिशन दिया गया। उस समय महाविद्यालय में कोई भी रेगुलर प्राचार्य नहीं था, और जो प्रभारी प्राचार्य थे उनकी अनुभवहीनता के कारण ऐसी चूक होने की संभावना है। Read More





























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