तीरंदाज, डेस्क। क्रेडिट पर जिंदगी के लुत्फ उठाने का खामियाजा, एक परिवार को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा। ऑनलाइन एप के जरिए कर्ज के जाल में फंसे मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी अमित यादव ने पहले अपनी पत्नी और दो बच्चों की हत्या की। इसके बाद फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। वारदात को अंजाम देने से पहले अमित ने एक सुसाइड नोट भी लिखा था, जिसमें लिखा है- ‘आदमी बुरा नहीं है, लेकिन हालात ने ऐसा बना दिया है…।’

अमित यादव ने अपने सुसाइड नोट में लिखा- ‘जीने की तमन्ना भी मुझमें है, लेकिन मेरे हालात अब ऐसे नहीं हैं, यार मैं बुरा नहीं हूं, लेकिन हालात नहीं हैं… मैंने कई ऑनलाइन ऐप से कर्ज लिया है, लेकिन मैं कर्ज नहीं चुका पा रहा हूं। मैं सम्मान के डर से यह कदम उठा रहा हूं, पुलिस मेरे परिवार को परेशान न करे, मैं ही दोषी हूं।

अमित ने सुसाइड नोट में आगे लिखा- एक खास बात अपने परिवार को बता दूं कि लोन पैन कार्ड पर है, अगर पैन कार्ड धारक की मृत्यु हो जाती है, तो लोन मौजूद नहीं है। मेरे लोन को किसी के द्वारा भुगतान करने की जरूरत नहीं है। मैं मेरे भाई, मां-बाप से बहुत प्यार करता हूं। आपस में घर वाले न लड़ें, ये मेरी आखिरी ख्वाहिश है। ये चिट्ठी मेरे घरवालों को पढ़नी चाहिए। मां, मैं जा रहा हूं…अमित यादव, एक फकीर इंसान।

पति-पत्नी और दो बच्चों की मौत के बाद एक और पुलिस जांच कर रही है। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि बहुत दुखद घटना हुई है, ऑनलाइन ऐप से ऋण लेने की प्रक्रिया की जांच की जाएगी। अगर कुछ भी आपत्तिजनक पाया जाता है, तो इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। मैं खुद साइबर टीम को इस काम में लगाऊंगा।








































