RAIPUR NEWS. करीब 6 हजार करोड़ रुपए के महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के मुख्य आरोपी और प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को आज छत्तीसगढ़ लाया जा रहा है। CBI की टीम उसे लेकर शाम 4:50 बजे रायपुर एयरपोर्ट पर लैंड करेगी। ओमान से प्रत्यर्पण के बाद सौरभ को भारत लाया गया है। सोमवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेशी के बाद उसे दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर CBI को सौंप दिया गया है। अब रायपुर पहुंचने के बाद उसे स्पेशल CBI कोर्ट में पेश किया जाएगा। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निखिल चोपड़ा की अदालत ने CBI को निर्देश दिया है कि आरोपी को 4 नवंबर 2026 या उससे पहले रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया जाए।

महादेव सट्टा ऐप से जुड़े मामलों की जांच CBI कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले से संबंधित 13 FIR जांच के लिए CBI को सौंपी थीं। इनमें से दो मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। दिल्ली कोर्ट में सुनवाई के दौरान सौरभ चंद्राकर के वकील ने उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने ओमान की अदालत के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि भारत की ओर से भेजे गए प्रत्यर्पण अनुरोध में ED के मामले को मंजूरी मिली थी, जबकि CBI के मामले को मंजूरी नहीं दी गई थी। वकील की दलील थी कि प्रत्यर्पण की शर्तों के मुताबिक सौरभ पर उन्हीं मामलों में कार्रवाई की जा सकती है, जिनके आधार पर उसे भारत लाया गया है। ऐसे में CBI की ओर से उसे अपने मामले में रिमांड पर लेना प्रत्यर्पण के नियमों का उल्लंघन है।

CBI ने अदालत में कहा कि आरोपी के खिलाफ रायपुर की विशेष अदालत पहले ही ओपन एंडेड गैर-जमानती वारंट जारी कर चुकी है। ओमान सरकार से मिली जानकारी के आधार पर उसे भारत लाया गया है। जांच एजेंसी ने यह भी दलील दी कि ED और CBI के मामले एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। दिल्ली की अदालत के सामने फिलहाल आरोपी को रायपुर ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड देने का सवाल है। प्रत्यर्पण की शर्तों और मुकदमा चलाने के अधिकार से जुड़े मुद्दों पर रायपुर की विशेष अदालत फैसला करेगी। सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने CBI को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रोटेक्शन मनी किन-किन लोगों तक पहुंचती थी, इसका बड़ा खुलासा हो सकता है। माना जा रहा है कि रायपुर में पूछताछ के दौरान सट्टा नेटवर्क, उसके आर्थिक लेनदेन और कथित संरक्षण से जुड़े पहलुओं की जांच आगे बढ़ेगी।

2022 की FIR से जुड़ा है मामला
CBI के मुताबिक, महादेव बुक ऐप को सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और उनके सहयोगियों ने मिलकर प्रमोट किया था। आरोप है कि ऑनलाइन सट्टा संचालित करने के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म और पैनल बनाए गए थे। इनके जरिए बड़े पैमाने पर सट्टा कारोबार चलाया जाता था। जांच एजेंसी का आरोप है कि सट्टे से मिलने वाली रकम अलग-अलग बैंक खातों के जरिए इकट्ठा की जाती थी और फिर उसे UAE तक पहुंचाया जाता था। सौरभ और उसके सहयोगियों पर दुबई से इस नेटवर्क का संचालन करने का भी आरोप है। जांच में छत्तीसगढ़ के कई युवाओं को इस नेटवर्क में कर्मचारी और मैनेजर के रूप में काम पर रखने की बात भी सामने आई है।

इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है। ED सौरभ चंद्राकर के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल कर चुकी है। अब सौरभ के रायपुर पहुंचने के बाद जांच की अगली कड़ी और पूछताछ पर सबकी नजर रहेगी।





































