JALAUN NEWS. उत्तर प्रदेश के जालौन स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जूनियर MBBS छात्रों के साथ कथित तौर पर रैगिंग करने के आरोप में 17 छात्रों को तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक छात्र पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

मामला उरई कोतवाली क्षेत्र के राजकीय मेडिकल कॉलेज का है। घटना 21 अक्टूबर की बताई जा रही है, जबकि रैगिंग का वीडियो 24 अक्टूबर को सामने आया था। वीडियो सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की।
कमरे में बुलाकर जूनियर छात्रों की गई रैगिंग
मिली जानकारी के मुताबिक, 21 अक्टूबर को सीनियर छात्रों ने 2026 बैच के जूनियर MBBS छात्रों को रात करीब 9 बजे एक कमरे में बुलाया था। आरोप है कि वहां जूनियर छात्रों को मुर्गा बनाया गया, सिर नीचे करवाया गया और हाथ ऊपर उठाकर खड़े रहने के लिए कहा गया। इसके अलावा उनसे कथित तौर पर अश्लील हरकतें भी कराई गईं।

24 अक्टूबर की रात रैगिंग का वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में सीनियर छात्रों पर जूनियर छात्रों को कमरे में बंद करके गाली-गलौज करने और उन्हें परेशान करने के आरोप सामने आए। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए एक टीम गठित की।
पहले 7 छात्रों पर हुई थी कार्रवाई, जांच में 10 और नाम आए
वीडियो सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने शुरुआती जांच के आधार पर सात छात्रों को एक सप्ताह के लिए सस्पेंड किया था। इन छात्रों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।
हालांकि, जांच आगे बढ़ने पर मामले में 10 अन्य छात्रों की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए कुल 17 छात्रों को तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया गया और प्रत्येक पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
कॉलेज प्रशासन के निर्देश के अनुसार, निलंबन की अवधि के दौरान संबंधित छात्र कक्षाओं में शामिल नहीं हो सकेंगे। उन्हें हॉस्टल में रहने और क्लीनिकल ड्यूटी करने की भी अनुमति नहीं होगी।
जूनियर से मोबाइल नंबर मांगने पर भी होगी कार्रवाई
कॉलेज प्रशासन ने रैगिंग रोकने के लिए 21 अक्टूबर को ही कार्यालय में नोटिस जारी किया था। इसमें स्पष्ट किया गया था कि जूनियर छात्रों से मोबाइल नंबर मांगना या उन्हें अपना नंबर देने के लिए मजबूर करना भी रैगिंग नियमों के तहत दंडनीय हो सकता है।
इसके अलावा, जूनियर छात्रों को अनचाहे मैसेज भेजने और ऐसे संदेशों को फॉरवर्ड करने वाले छात्रों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने छात्रों को निर्देश दिया है कि वे किसी भी सीनियर के दबाव में अपना मोबाइल नंबर साझा न करें। यदि किसी सीनियर की ओर से गलत या परेशान करने वाला मैसेज मिलता है, तो संबंधित नंबर ब्लॉक करके इसकी सूचना एंटी रैगिंग कमेटी को दें।
हॉस्टल में लगाए गए हेल्पलाइन नंबर
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी के मुताबिक, संस्थान में एंटी रैगिंग कमेटी सक्रिय है। छात्रों की सहायता के लिए हॉस्टल में जरूरी संपर्क और हेल्पलाइन नंबर भी लगाए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की परेशानी होने पर वे तुरंत शिकायत कर सकें।
कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रैगिंग से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वाले छात्रों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में 17 छात्रों का निलंबन और जुर्माना संस्थान की ओर से की गई सख्त कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।




































