RIYAD NEWS. ऊर्जा और तेल क्षेत्र में नई तकनीकों को बढ़ावा देने वाले प्रतिष्ठित ‘ऑयल एंड गैस सऊदी अवार्ड्स 2026’ में इस साल भारत का डंका बजा है। सऊदी अरब की प्रमुख टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन कंपनी GCC Lab ने अपने खास प्रोजेक्ट ‘OHTL (Overhead Transmission Line) Insulator Cleaning Using Drone Services’ के लिए ‘टेक्नोलॉजी इनोवेशन ऑफ द ईयर’ का खिताब जीता है। कंपनी की ओर से यह प्रतिष्ठित पुरस्कार भारतीय मूल के विशेषज्ञ इमरान अली ने ग्रहण किया। इमरान अली इस प्रोजेक्ट में एक अहम कड़ी रहे हैं, जिन्होंने तकनीक और सुरक्षा के बीच बेहतरीन तालमेल बिठाया। इमरान का संबंध छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर से है।

कौन हैं इमरान अली और किसमें हैं एक्सपर्ट
इमरान अली एक सीनियर HSE (हेल्थ, सेफ्टी एंड एनवायरनमेंट) प्रोफेशनल हैं, जिनके पास ऊर्जा और निर्माण क्षेत्र के बड़े व जोखिम भरे प्रोजेक्ट्स के रणनीतिक प्रबंधन में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। इमरान के पिता भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के भिलाई शहर में रहते हैं।
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वर्तमान भूमिका: वर्तमान में, इमरान एक ‘सीनियर EHS कंसल्टेंट’ के रूप में तकनीकी सेवाओं के लिए सुरक्षा का नेतृत्व कर रहे हैं। वे जटिल इंजीनियरिंग जरूरतों और उच्च-स्तरीय सुरक्षा प्रशासन (एग्जीक्यूटिव-लेवल सेफ्टी गवर्नेंस) के बीच एक मजबूत सेतु का काम करते हैं।

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विशेषज्ञता: उनकी विशेषज्ञता विशेष रूप से पावर एंड यूटिलिटीज सेक्टर में है, जहां वे 500 kV HVDC और ओवरहेड ट्रांसमिशन लाइन (OHTL) जैसे प्रोजेक्ट्स की सख्त सुरक्षा मांगों को संभालते हैं। वे केवल नियमों का पालन नहीं करवाते, बल्कि ऐसे ‘इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट सिस्टम’ (IMS) का निर्माण करते हैं जो ऑपरेशनल उत्कृष्टता को बढ़ाते हैं और करोड़ों सऊदी रियाल (SAR) की संपत्तियों की रक्षा करते हैं।

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डिजिटलीकरण और विजन: इमरान अली HSE के डिजिटलीकरण को लेकर बेहद जुनूनी हैं। वे आधुनिक उपकरणों का उपयोग करके सुरक्षा निगरानी को ‘रिएक्टिव’ (घटना के बाद प्रतिक्रिया) से ‘प्रिडिक्टिव’ (भविष्यवाणी करने वाली सुरक्षा लीडरशिप) में बदलने पर काम कर रहे हैं। उनका मुख्य लक्ष्य एक ‘बिहेवियर-बेस्ड सेफ्टी’ (BBS) संस्कृति को बढ़ावा देना है, जहां सुरक्षा केवल एक विभाग का काम न होकर, पूरे व्यवसाय का मुख्य मूल्य (कोर वैल्यू) बन जाए।
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क्या है यह अवार्ड-विनिंग तकनीक और इसका महत्व?
आमतौर पर हाई वोल्टेज बिजली के तारों और ट्रांसमिशन टावरों (OHTL) के इंसुलेटर पर धूल और प्रदूषण जम जाता है, जिससे बिजली की आपूर्ति में बाधा आ सकती है या स्पार्किंग का खतरा रहता है। पारंपरिक रूप से इसे साफ करने के लिए इंसानों को ऊंचे टावरों पर चढ़ना पड़ता था, जो बेहद खतरनाक काम था। इमरान अली के सुरक्षा विजन और GCC Lab की तकनीकी टीम ने मिलकर रिमोट-ऑपरेटेड ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया। अब ड्रोन के जरिए बिना किसी इंसानी खतरे के, ऊंचाई पर जाकर इंसुलेटर्स को सुरक्षित और सटीक तरीके से साफ किया जाता है। जजों ने इस तकनीक को सुरक्षा, समय की बचत और ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने के लिहाज से गेम-चेंजर माना।
तेल और गैस कंपनियों में भारतीयों का दबदबा
इमरान अली की यह सफलता मिडिल ईस्ट (खाड़ी देशों) की ऊर्जा कंपनियों में भारतीयों के महत्वपूर्ण योगदान का एक और बड़ा उदाहरण है:
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टेक्नोलॉजी और सेफ्टी का संगम: खाड़ी देशों में भारतीय पेशेवर केवल लेबर या इंजीनियरिंग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे इमरान अली की तरह ‘डिजिटल सेफ्टी’ और रिस्क मैनेजमेंट में लीडरशिप भूमिकाएं निभा रहे हैं।
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इनोवेशन में अग्रणी: ड्रोन ऑपरेशन, रोबोटिक्स, और AI जैसी नई तकनीकों को ऊर्जा क्षेत्र में लागू करने के पीछे अक्सर भारतीय प्रोफेशनल्स का ही दिमाग होता है।
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भरोसेमंद मैनेजमेंट: करोड़ों डॉलर के प्रोजेक्ट्स को बिना किसी दुर्घटना के समय पर पूरा करने के लिए अरब कंपनियां भारतीय मैनेजरों और कंसल्टेंट्स पर सबसे ज्यादा भरोसा करती हैं।
एक्सपर्ट ओपिनियन:
“इमरान अली जैसे पेशेवरों का यह इनोवेशन साबित करता है कि ऊर्जा क्षेत्र में सुरक्षा अब केवल हेलमेट और हार्नेस तक सीमित नहीं है। ड्रोन और प्रिडिक्टिव टूल्स का उपयोग करके उन्होंने यह दिखाया है कि खतरनाक ऑपरेशन्स को मशीनों के हवाले कर इंसानी जान को कैसे 100% सुरक्षित किया जा सकता है। यह अवार्ड भारत की तकनीकी और प्रबंधकीय प्रतिभा का वैश्विक मंच पर एक और बड़ा सम्मान है।”



































