RAIPUR NEWS. शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बल्ले और गेंद से शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को तीसरे टी-20 मुकाबले में 92 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 216 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर 124 रन ही बना सकी। भारत की जीत की सबसे बड़ी नायिका हरमनप्रीत कौर रहीं, जिन्होंने 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन की विस्फोटक पारी खेली। शेफाली वर्मा ने भी 69 रन बनाकर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। भारतीय गेंदबाजों में नंदनी शर्मा सबसे सफल रहीं। उन्होंने 18 रन देकर तीन विकेट हासिल किए।

भारतीय पारी में हरमनप्रीत कौर ने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की, उसने मुकाबले का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया। एक समय वह 12 गेंदों पर 11 रन बनाकर खेल रही थीं, लेकिन इसके बाद उन्होंने आक्रामक रुख अपनाते हुए जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर हमला बोल दिया। हरमनप्रीत ने 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन बनाए। उनकी पारी में 10 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। उन्होंने 221.95 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। हरमनप्रीत ने शेफाली वर्मा के साथ तीसरे विकेट के लिए 41 गेंदों पर 84 रन की अहम साझेदारी की। भारतीय टीम ने आखिरी पांच ओवर में 62 रन जोड़े। हालांकि, इस दौरान टीम ने चार विकेट भी गंवाए, लेकिन हरमनप्रीत की आतिशी बल्लेबाजी की बदौलत भारत 216 रन तक पहुंचने में सफल रहा।

भारत की पारी की शुरुआत शेफाली वर्मा और अनुष्का शर्मा ने की। दोनों ने पहले विकेट के लिए 54 रन जोड़कर टीम को मजबूत आधार दिया। अनुष्का ने 20 गेंदों पर 28 रन बनाए। उनकी पारी में चार चौके और एक छक्का शामिल रहा। वह 5.2 ओवर में आउट हुईं। इसके बाद शेफाली ने रन बनाने की रफ्तार बनाए रखी। उन्होंने 37 गेंदों पर 69 रन की पारी खेली, जिसमें छह चौके और पांच छक्के शामिल रहे। उनका स्ट्राइक रेट 186.49 रहा। शेफाली ने पूरी सीरीज में शानदार बल्लेबाजी करते हुए कुल 128 रन बनाए। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया।

हरमनप्रीत इंटरव्यू के दौरान हुईं भावुक
मुकाबले के बाद इंटरव्यू के दौरान हरमनप्रीत कौर भावुक नजर आईं और उनकी आंखों में आंसू आ गए। यह भारतीय टीम की कप्तानी छोड़ने के बाद उनकी पहली सीरीज थी। छह अक्टूबर को उन्होंने तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम की कप्तानी छोड़ने का ऐलान किया था। इसके बाद स्मृति मंधाना को टीम की नई कप्तान बनाया गया। रायपुर में खेली गई इस पारी ने हरमनप्रीत की बल्लेबाजी क्षमता को एक बार फिर सामने रखा। उनकी पारी ने न केवल भारत को बड़े स्कोर तक पहुंचाया, बल्कि जिम्बाब्वे पर दबाव भी बढ़ा दिया।

जिम्बाब्वे की शुरुआत खराब, मायर्स और बीजा ने संभाली पारी
217 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही। केलिस नधलोवु पहली ही गेंद पर आउट हो गईं। शुरुआती झटके के बाद शार्न मायर्स और बेलव्ड बीजा ने पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 82 रन की साझेदारी की। मायर्स ने 49 गेंदों पर 60 रन बनाए। उनकी पारी में चार चौके और चार छक्के शामिल थे। वह 14.3 ओवर में टीम के 94 रन के स्कोर पर आउट हुईं। दूसरी ओर, बीजा ने 50 गेंदों पर 44 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में पांच चौके लगाए। दोनों बल्लेबाजों के आउट होने के बाद जिम्बाब्वे की रन गति धीमी पड़ गई। भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर विपक्षी टीम को लक्ष्य से दूर रखा। बीजा 19वें ओवर में आउट हुईं, जबकि आखिरी ओवर में नंदनी शर्मा ने बीजा और लॉरिन फिरी को आउट किया। जिम्बाब्वे की टीम निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट पर 124 रन ही बना सकी।




































