KANKER NEWS. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के छोटेबेठिया इलाके के घने जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस कार्रवाई में वांटेड महिला नक्सली रूपी रेड्डी को मार गिराया गया है, जो एरिया कमेटी मेंबर (ACM) के रूप में सक्रिय थी और लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर थी। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

जंगल में घेराबंदी के दौरान नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से रूपी रेड्डी का शव बरामद किया गया। कांकेर के पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि इलाके में अब भी सर्च ऑपरेशन जारी है। अन्य नक्सलियों की तलाश में सुरक्षाबल जंगल में सघन अभियान चला रहे हैं।

रूपी रेड्डी को कई बार आत्मसमर्पण के लिए कहा गया था, लेकिन उसने लगातार इनकार किया और नक्सली गतिविधियों में सक्रिय बनी रही। बस्तर क्षेत्र में बड़े कैडर के कमजोर पड़ने के बाद वह प्रमुख सक्रिय चेहरों में गिनी जा रही थी। रूपी रेड्डी, स्टेट कमेटी मेंबर (SCM) विजय रेड्डी की पत्नी थी, जो पहले ही मुठभेड़ में मारा जा चुका है। माना जाता है कि वह उत्तर बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों को आत्मसमर्पण से रोकने में अहम भूमिका निभा रही थी।

नक्सल उन्मूलन के लिए तय डेडलाइन (31 मार्च) के बाद सुरक्षाबलों की कार्रवाई और तेज हुई है। हाल ही में बीजापुर में 25 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था, जिनसे मिले इनपुट के आधार पर करोड़ों रुपये नकद और सोना बरामद किया गया।

इसके अलावा दंतेवाड़ा, सुकमा और कांकेर समेत चार जिलों में कुल 34 नक्सलियों ने हथियार डाले हैं। पुलिस का दावा है कि दंतेवाड़ा अब नक्सल प्रभाव से काफी हद तक मुक्त हो चुका है, जबकि बाकी इलाकों में सक्रिय नक्सलियों से संपर्क कर उन्हें मुख्यधारा में लाने की कोशिश जारी है।




































