WASHINGTON NEWS. अमेरिका की राजनीति में शनिवार रात बड़ा भूचाल आया, जब अमेरिकी सेना के विशेष बलों ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास में एक हाई-रिस्क ऑपरेशन को अंजाम देकर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कार्रवाई को अमेरिका की निर्णायक शक्ति का संकेत बताते हुए कहा कि यह संदेश है कि वॉशिंगटन किसी दबाव में नहीं आता। इस बीच, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को 3 जनवरी की आधी रात अमेरिका लाया गया।

अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन के मुताबिक, यह ऑपरेशन अमेरिकी आर्मी की डेल्टा फोर्स ने अंजाम दिया। सूत्रों के अनुसार, मादुरो और उनकी पत्नी को राजधानी काराकास से गिरफ्तार किया गया। न्यूज एजेंसी एपी ने बताया कि दंपति कड़ी सुरक्षा वाले फोर्ट टियूना सैन्य परिसर के भीतर स्थित अपने आवास में सो रहे थे, तभी अमेरिकी विशेष बलों ने वहां धावा बोल दिया। ऑपरेशन के दौरान उन्हें उनके बेडरूम से बाहर निकाला गया।

अमेरिकी सेना का विमान न्यूयॉर्क के स्टुअर्ट एयर नेशनल गार्ड बेस पर उतरा। मादुरो को कड़ी सुरक्षा के बीच प्लेन से उतारा गया। वे नीले रंग की जैकेट थे, उनका मुंह ढंका हुआ था। हालांकि, प्लेन से केवल मादुरो ही उतरते नजर आए। उन्हें बेस पर बने हैंगर में ले जाया गया। अब मादुरो को अगले हफ्ते मैनहैटन की अदालत में पेश किए जाने की संभावना है। उन पर ड्रग्स और हथियार तस्करी से जुड़े गंभीर आपराधिक मुकदमे चलाए जाएंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी को वॉरशिप के जरिए अमेरिका ले जाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस ऑपरेशन में किसी की मौत नहीं हुई और पूरी कार्रवाई उन्होंने लाइव देखी। हम इस ऑपरेशन के लिए चार दिनों से इंतजार कर रहे थे। मादुरो को पकड़े जाने का सीधा प्रसारण देखा—यह किसी टीवी शो जैसा था। उन्होंने यह भी दावा किया कि कार्रवाई के दौरान कुछ अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, लेकिन किसी की मौत नहीं हुई।

वेनेजुएला की स्थिति पर बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि वहां की सेना अमेरिकी बलों के आने के लिए तैयार थी, लेकिन अंततः पराजित हो गई। उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते कि कोई और सत्ता में आए और वही हालात फिर से पैदा हों जो बीते वर्षों से बने हुए हैं। इसलिए फिलहाल देश का संचालन हम करेंगे। हालांकि, सत्ता हस्तांतरण को लेकर उन्होंने कोई समयसीमा नहीं बताई। ड्रग तस्करी के मुद्दे पर ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने समुद्री रास्ते से आने वाली 97 फीसदी नशीली दवाओं को नष्ट कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर ड्रग बोट औसतन 25 हजार लोगों की जान लेती है।
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र ने वेनेजुएला में हुई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर गहरी चिंता जताई है। यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी को खतरनाक मिसाल बताया। उनके प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने कहा कि महासचिव इस बात को लेकर चिंतित हैं कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई से क्षेत्र में गंभीर और दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।


































