NARAYANPUR. धर्मांतरण के खिलाफ आदिवासियों के लामबंद होने के बाद से बस्तर में धर्मांतरण का मामला अब गरमाने लगा है। ताजा मामला नारायणपुर जिले का है। यहां के छह गांवों में धर्मांतरण कर चुके परिवारों को गांव से बाहर निकलने का फरमान जारी कर दिया। फिर क्या था, समुदाय विशेष के करीब दो सौ ग्रामीण सीधे कलेक्टोरेट पहुंच गए। उन्होंने अपनी समस्या बताई। इसके बाद मौके पर पुलिस बल तैनात करना पड़ गया।

कलेक्टोरेट पर इतनी संख्या में लोगों की मौजूदगी का पता चलने पर वहां पुलिस बल के साथ एडिशनल एसपी, एसडीएम और तहसीलदार भी पहुंचे। समुदाय विशेष के ग्रामीणों को कहा गया कि वे परिसर को खाली करें। लेकिन, इस बीच ट्रैक्टरों में सवार होकर और भी ग्रामीण पहुंचते रहे। वे आरोप लगाते रहे कि गांव में उनके साथ मारपीट की जा रही है। पुलिस व प्रशासन के अफसर उन्हें समझाइश देते रहे। आपको बता दें कि जिले के आंजर गांव में धर्मांतरण को लेकर पहले भी विवाद का मामला सामने आया था। तब जिला प्रशासन ने सतर्कता दिखाते हुए लोहंडीगुड़ा ब्लॉक में सभी प्रकार की सामाजिक बैठकों पर पाबंदी लगा दी गई थी। इसके बाद लोहंडीगुड़ा ब्लॉक के गढ़िया में बीते रविवार को प्रस्तावित आदिवासी समाज की बैठक को स्थगित किया गया।

महिला की मौत के बाद गहराया विवाद
आंजर गांव में विवाद का जो तात्कालिक मामला सामने आया है उसके मुताबिक एक धर्मांतरित महिला की मौत होने पर उसे शव दफनाने को लेकर विवाद हुआ। इसके चलते गांव में तनाव स्थिति बन गई थी। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से पंचायत में सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया। साथ ही लोहंडीगुड़ा ब्लॉक के अन्य गांवों में तनाव न हो इसके लिए जिला प्रशासन ने आगामी 25 दिसंबर तक किसी भी प्रकार की बैठक और सभा पर रोक लगा दिया था।








































