मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की एकल पीठ ने माना कि पीड़िता मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेल रही है और ऐसी परिस्थिति में उसे अपनी इच्छा के विरुद्ध गर्भ धारण के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। Read More





























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