परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया, तो कर्मचारी का रवैया बदल गया। तत्काल जांच करने के बजाय उन्हें 13 मई की तारीख दे दी गई और बाहर से दवा व अन्य सामग्री खरीदकर लाने को कहा गया। Read More





























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